MPSEB Website | Madhya Pradesh State Electricity Board | mp.gov MPSEB | Website of MPSEB

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Madhya Pradesh State Electricity Board (MPSEB),
Shakti Bhawan,
Jabalpur – 482008,
Madhya Pradesh.

Telephone: ***** No.91-761-2661111(6 lines) /2660500 (5 lines) /2660301
Fax: 91-761-2661696
E-Mail: chiefcsa2000@yahoo.com

4,239 Responses to “MPSEB Website | Madhya Pradesh State Electricity Board | mp.gov MPSEB | Website of MPSEB”

  1. jay barwani says:

    Sabhi Log khargone raj express pagr13 and bhaskar e paper khargone page 01 pade

  2. jay barwani says:

    Sabhi Log khargone raj express pagr13 and bhaskar e paper khargone page 01 pade anukampa matter

  3. ajay says:

    Are aaya kya hai bhai

  4. Heera Patel says:

    Haan pad liya mene isme ye aaya ha ki aane wali cabinet meeting me Anukampa ka matter aa raha ha. jis me only ******** ke cases wale aashrito ko liya jayega. is me year likha nhi ha.
    Is karan MP k sabhi aashrito ne is ka Bahishkar kiya ha.

    Mera Case Bimari ka ha, 2009 ka case ha Heart Attack ka.

  5. nitesh parihar says:

    Mera case 2011 truck ******** ka h .

  6. Pankaj says:

    2000 year se chalu hogi anukmpa bt usme etni sarte hogi k adhe se zyada logo ko mil hi nhi payegi

  7. Kamal Kishor says:

    17 Sep. ko sabhi Jabalpur aaye..
    is din Shakti Bhawan ka Gherav karege sabhi aashrit..
    Aur Company ko warn kiya jayega Apna prastav wapas lene k liye….
    Bina shrt k anukampa niyukati honi chahiye
    mera case Accidental h (2007)
    par me niyukati nhi lunga jab tak mere sabhi bhaiyo ki 98 to 2014 tak niyukati nhi ho jati…
    Unity me rahna h hum sabhi ko…

  8. Monu says:

    Bhaiyo mpeb gvrment acident walo ka prastav cabinet m bhej rahi h agar non acdental walo ko anukmpa chahiye to jabalpur aye 17 ko ..
    wrna bhul jaye ..
    so plz come to jabalpur apna hak lena h to

  9. raj says:

    17 KO JABALPUR AAO LEKIN JAB TAK WAPAS NAHI HONGE JAB TAK AADESH NAA HO NAHI TO WAHI BHUKH HADTAAL CHALOO KAR DENGE.

    AUR ASGAR IS BAAR DIKHA DO SARKAR KO APNITAKAT.

  10. raj says:

    ANUKAMPA SABHI KO BINA SHART 1998 SEHI DENA PADEGI.

  11. ** says:

    hogi ya nhi ya bhi log anukampa :-(

  12. NITIN says:

    kye asgar ghr jao ye kutto ki basti se koi shat ni dega time par tumhar kya aj tik koi aya puchne ki khali pet ho ya khana kha liya

    JO BHAI GHAR IS KUTTO KI BASTI SE APNA PRIWAR DEKHO NI TO WO SAB BI BHUL JAYEGE TUMKO JESE ANUKAMPA WALE BHULE HUE H

    JADA HOTA H TO YE SAB MO. SE PUCHTE H BAS

  13. jay barwani says:

    Ha Ha Haaaa
    Sanghrsh ki KOKH se hi AWTAR Janam Leta hai
    Aur ek BAHADUR MAA KE PET SE ASGAR JAISA BETA Janam leta hai
    VEER SURMAO KI GATHAYE JUNG HARNE YA JITNE SE NAHI BANTI WO TO LADNE SE AMAR HOTI HAI

  14. Vivek says:

    Sir jo march mai jagah ai thi unki mairrit kab tak lag jayegi plz reply

  15. Deepak says:

    Kal cabinet metting h or muje pkka lgta h usme apna kuch nhi hone wala

  16. ajay betul says:

    U are right absolutely

  17. vishnu gwalior says:

    Bhai ye Hum log keh rahe hai cabinet me mudda aa sakta hai Lekin ye govt ki taraf se abhi tak na to kisi news me aaya hai na koi official matter ke roop me hawa ho rahi hai
    Cabinet ke muddo me anukampa ka to aa raha hai par vo state govt ka matter hai na ki MPEB ka aur kou bhi NIYAM hum par tab tak lagoo nahi ho sakta jab tak uske pehle MPEB na laga ho

  18. Deepak pathak says:

    M.P.Government ki 16 ki KAVINET Cancel ho Gai, CM
    Ko Health Problem hai

  19. Deepak pathak says:

    M.P.Government ki 16 ki KAVINET Cancel ho Gai, CM
    Ko Health Problem hai Rashtriya Hindi Mail Newspaper Bhopal 16-09-2014

  20. ashu ashish says:

    Bank me anukampa start ho gai hai humara order Kab aaye ga

  21. ashu ashish says:

    http://epaper.bhaskar.com/detail/?id=637465&boxid=9162726906&ch=mpcg&map=map&currentTab=tabs-1&pagedate=09/16/2014&editioncode=132&pageno=1&view=image

    Chack this is paper link

  22. Anukmpa ashrit says:

    Bhai log plz kal jabalpur aye
    shakti bhawan ka gherab kiya jayega
    Mpeb m anukmpa 1998 se bina sart k chalu krwa k rahege

  23. rajesh vidisha says:

    तैयारी …इधर राज्य में भी मिलेगी सौगात मांग को मनवाने के िलए करने पड़े कई आंदोलन {कैबिनेट में अाएगा प्रस्ताव, सवा लाख से बढ़कर दो लाख होगी अनुकंपा अनुदान राशि अच्छी खबर। केंद्रने बदले नियम, 2004 से लगा प्रतिबंध हटाया विशेष संवाददाता |भोपाल राज्यसरकार अब कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसकी विवाहित पुत्री और दत्तक संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति देने की तैयारी में है। इसके लिए आगामी कैबिनेट बैठक में अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को सरल करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। अभी कर्मचारी की मृत्यु होने पर सिर्फ पुत्र, अविवाहित पुत्री और पत्नी को ही अनुकंपा नियुक्ति दी जाती रही है। पुत्री का विवाह होने पर उसे नौकरी की पात्रता नहीं होती। नए प्रस्ताव में अब दत्तक संतान को भी नौकरी दिए जाने की शर्त जोड़ी गई है। हालांकि दत्तक संतान के रूप में मान्यता उन्हें ही मिलेगी, जिन्हें कर्मचारी ने नौकरी के दौरान गोद लिया हो। कैबिनेट में आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले कार्यभारित कर्मचारी और दैनिक वेतन भोगियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुकंपा अनुदान राशि सवा लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए किया जाना प्रस्तावित है। मनीष दीक्षित | भोपालकेंद्रने बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति पर िपछले दस साल से लगा प्रतिबंध हटा दिया है। वित्त मंत्रालय से जारी ताजा आदेश में कहा गया है िक अब सार्वजनिक क्षेत्र के किसी भी बैंक में कार्यरत कर्मचारी अथवा अधिकारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके आश्रित को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की भांति ही अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इसके साथ ही बैंकों में वर्तमान में चल रही अनुग्रह राशि के मौजूदा प्रावधान को बंद कर दिया गया है। खास बात यह है कि अनुकंपा नियुक्ति के पुराने प्रकरणों में बैंकों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को निर्णय लेने को कहा गया है। यह योजना 11 अगस्त 2014 से लागू मानी जाएगी। इस फैसले से उन परिवारों को लाभ होगा जिनके परिवार के मुखिया की सेवा काल में मृत्यु हो जाने पर परिवार को आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। आंकड़े बताते हैं िक औसतन एक वर्ष में 30 से 35 हजार बैंककर्मियों की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है। यूपीए सरकार ने 2004 में बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इस निर्णय को लेकर तर्क दिया गया था कि बैंक व्यावसायिक संस्थान की तरह काम करता है। इस पर मानवीय बोझ डाला जाए। मोदी सरकार ने प्रतिबंध हटाने से पहले यूपीए के निर्णय के उलट मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात करते हुए यह पता लगाया कि बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति के कितने मामले आते हैं? शेष| पेज 10 पर ^यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने भी इस बाबत केंद्र और भारतीय बैंक संघ से मांग की थी िक अनुकंपा नियुक्ति को बहाल किया जाए। यही नहीं बैंक कर्मचारियों ने विगत वर्षों में इस मांग को मनवाने के लिए कई आंदोलन भी किए थे। -वीकेशर्मा, राष्ट्रीयसंयुक्त सचिव, आॅल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन अब इन परिवारों को मिलेगा लाभ {सेवा काल के दौरान मृत्यु हुई हो। { कर्मचारी द्वारा आत्महत्या करने पर। { 55 साल उम्र से पहले स्वास्थ कारणों के कारण सेवा से मुक्त हुए हों। { उन गुमशुदा कर्मचारियों के परिवारों को जो दो वर्षों से लापता हैं। { उन पुराने प्रकरणों में जहां बैंककर्मी के परिवार भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हों। > 11 अगस्त 2014 से लागू मानी जाएगी नई योजना > कर्मचारी की मृत्यु पर अनुग्रह राशि नहीं मिलेगी विज्ञापन

  24. Kamal Kishor says:

    23 Sep. ko cabinet meeting h…
    Yash Bharat (Jabalpur) Page No.01 read kare..

    Is me anukampa ka matter nhi hai..
    MPEB se only 1 prastav aa rha hai…Bijali chori ko rokne k liye Bijali thane banane ka prastav h bs..
    Anukampa ka ka matter aayega jis me rulles change kiya jayega married grls k liye….Naa ki MPEB me anukampa niyukati open karne ka…

    Bhaiyo ab bhi sarkar ki berukhi se anukampa door hi h…

  25. Anukmpa ashrit says:

    Anukmpa ka nirakran tb tk nhi hoga jb tk ham ashrit sagar exelmpeb k jese virod na krege…
    Ham sb ko v wesa rasta apnana chahiye jo sagar m exelmpeb cmpny k khilaf apnaya gya …
    sbi kal jabalpur aye plz

  26. rohit says:

    Jabalpur me kya hua sachin bhai news dalo

  27. naresh bhopal says:

    Kuch nahi hua kamal bhai se hi jankari milegi ke anukampa par kya chal raha hd

  28. nitesh parihar says:

    Kya ho rha h wha pr

  29. rohit says:

    Kuch ni ho raha yaha pe

  30. Sachin Namdeo Sagar says:

    युवा कांग्रेस के ‘करंट’ पर जबलपुर शक्ति भवन पर पानी की बौछार, बिजली कर्मचारियों की सेवा के दौरान दुर्घटनाएं होने पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

    जबलपुर। युवा कांग्रेस के करंट आंदोलन पर पुलिस द्वारा फेंकी गई पानी की बौछार भी शक्ति भवन की ओर हजारों की संख्या में बढ़ते युकां नेताओं के कदम नहीं रोक पाई। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर केनन से पानी की तेज बौछार की। बिजली के मुद्दे को लेकर बुधवार को युकां के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी और लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष शशांक दुबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शक्ति भवन का घेराव किया। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जहां पुलिस पर पथराव किया, वहीं पुलिस ने भी उन्हें तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

    हाथीताल से निकली रैली

    इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हाथीताल कॉलोनी से रैली निकाली। दोपहर 3.32 बजे शुरू हुई यह रैली4 बजे शक्ति भवन पहुंची। यहां पहुंचते ही युकां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बेरिकेड्स पार करने का प्रयास किया, जिसके चलते उन पर पानी की बौछार करनी पड़ी। इससे भीड़ तितर-बितर तो हुई, लेकिन कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर और झंडे के डंडे फेंकने शुरू कर दिए। जिसके चलते पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस और युकां कार्यकर्ताओं के बीच लगभग लगभग दस मिनिट तक रस्साकशी चलने के बाद युकां के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी और विधायक जीतू पटवारी ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

    ये थीं मांगें

    0 बिजली बिलों में अनावश्यक प्रभार न वसूला जाए।

    0 जबरन बिजली कटौती बंद की जाए।

    0 खराब बिजली के मीटर उपभोक्ता की मांग पर तीन दिन में बिना शुल्क के नया मीटर लगाया जाए।

    0 बिजली कर्मचारियों की सेवा के दौरान दुर्घटनाएं होने पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

    0 बिजली कंपनियों का निजीकरण न किया जाए।

    ये रहे उपस्थित

    आंदोलन में तरुण भनोत, दिनेश यादव, विनय सक्सेना, अनुभा शर्मा, संजय यादव, राममूर्ति मिश्रा, सम्मति सैनी, सचिन यादव, रत्नेश अवस्थी, सौरभ शर्मा, रामदास यादव, अरुण पवार, पंकज पांडे, गौरव भनोत सहित अन्य युवा कांगे्रस नेता, कार्यकर्ता, एनएसयूआई के पदाधिकारी उपस्थित थे।

  31. AJAY bina says:

    Cabinet ki baithak 22 ko hogi

  32. gaurav mahajan. burahanpur says:

    23 ko hogi apna mud he ya nhi?

  33. mohit hosangabad says:

    Nahi hai Nahi hai

  34. mano srivastava says:

    Mpeb me anukampa niyukti ka koi prastav vicharadhin nahi hai
    -mano srivastav

  35. Rajesh kewat says:

    Ab anukampa niyukti nhi hoga kyoki chunao ke pahle yah sambhav tha lekin ab nhi .

  36. Anukmpa ashrit says:

    Abe mano pehle name likhna sikh le fir md bnke cmnt krna lolzr

  37. rajiv satna says:

    Ha ha haaaaaa

  38. Kamal Kishor says:

    Raj Express (Jabalpur) Page No.03 is me Anukampa k bare me aaya h..Railway ka h…waise read kr lo I think apne kam ka h…

  39. Anukmpa ashrit says:

    Mpeb or sarkar sochti hai ye ashrit kuch ni kr payege lekin abi tk shanti ka pradarshan dekhi h akrosh nhi ..
    pyar se bahot smjha liya ab nafrat se smjhayge lekin hak to lekr rahege

  40. Kamal Kishor says:

    Yash Bharat (Jabalpur) Page No.03 read kare apne bare me aaya h…

  41. Sachin Namdeo Sagar says:

    Jabalpur Yash bharat Evining News Paper 21/09/2014
    Jabalpur Me Shakti Bhawan Ke Gate Par M.P. vidut Anukampa Nyokti Aasrit 11 March 2013 se Anischit-Kallen Dharna De Rahe Ki Vidut Anukampa Niyukti Aasrito ko Anukampa nyokti Miley Par Aaj Aasrito ke Dharne ke 558 Din ho *** hai Par Vidut company or M.P.Government ne abhi tak Anukampa Nyokti ke Order Jari Nahi kiye, Or Nahi Government & Vidut company Anukampa Aasrito se Milee.

  42. Sachin Namdeo Sagar says:

    Bhai mene Facebook Par Load kar diya hai.. mera Facebook Name…. 1/- Sachin Namdeo Sagar 2/- Anukampa Nyokti Jabalpur Par Aad Ho friends…. ..

  43. Sachin Namdeo Sagar says:

    Yashbharat me diya hai ki 558 din se Dharne par Betty hai ab yadi kal hone wali Kavinet ki meeting hai Kal Vidut Anukampa nyokti par Decision ho jay, Nahi to Sabhi Vidut Anukampa Aasrit Bhopal tak Pedal March KareGey.

  44. ©¢€ says:

    Asambhav kuch nahi hota yarroo is duniya me

  45. Depak says:

    Are yr kal ki cabinet m mpeb anukmpa niyukti ka prastav ni h ..
    anukmpa ka sarlikran niyam m badlaw ka prastav h wo v mpeb ka nhi

  46. ** says:

    bhi kya hoga anukampa ka hogi bhi ya nhi …I feel its tuff hey bhagvann itna saa karam kar anukampa dede

  47. rohan Niwali says:

    Aaj ki cavinet me anukampa ka mudda to hai par
    “THE MPEB ANUKAMPA” MUDDA NAHI HAI

  48. anukampa ahsrit says:

    Yelo non accidend na hi ******** kisi ko anukampa nhi mili aba tak hamari kijadan me kisi ko nhi milane vali

  49. anukampa ahsrit says:

    Nhi accidend valo ka ho rah he

  50. anukampa ahsrit says:

    Jo mila raha use to lelo

  51. mohan verma says:

    plz yadi Anukamp ke bare me koi news ho tho plz call kare mujhe…mob. no. 9977757440…plz call me…

  52. mohan verma says:

    mera kes 2003 ka hai..or mene iti nahi ki hai tho kya nahi hoga..plz koi reply karo..plz

  53. Anukmpa ashrit says:

    anukmpa k niyam m badlaw kiya gaya h jisme shadi suda betiyo ko v anukmpa di jayegi bt Mpeb anukmpa ka kuch nhi hua cabinet m

  54. suren says:

    भोपाल: शिवराज कैबिनेट की बैठक खत्म, कई अहम फैसलों पर मुहर, अनुकंपा नियुक्ति को लेकर नियमों में संशोधन का फैसला, विवाहित पुत्री और दत्तक पुत्र-पुत्री को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति।
    22 Sep 2014
    राजधानी भोपाल में शिवराज कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। जिसमें अनुकंपा नियुक्ति को लेकर नियमों में संशोधन करने का फैसला लिया गया। जिसके तहत विवाहित पुत्री और दत्तक पुत्र और पुत्री को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी। इसके अलावा ग्रामीण परिवहान सेवा और स्कूल बस के रोड टैक्स में कटौती करने का फैसला लिया गया। साथ ही ग्रामीण परिवहन में इस्तेमाल हो रही यात्री बसों को टोल टैक्स में छूट दी जाएगी। बैठक में जिला अस्पतालों के प्रबंधन को लेकर, अलग से कैडर बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है।

  55. Jay Barwani says:

    MPEB ANUKAMPA ASHRITO KE LIYE HAMESHA KI TARAH CABINET KE BAAD
    BABAJI KA THULLU

  56. alkesh chohan says:

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    अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान में संशोधन

    विवाहित पुत्री, दत्तक संतान को भी मिल सकेगी नियुक्ति दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में निर्णय शासकीय अस्पतालों में व्यवस्था सुधार के लिये सह-मुख्य अधीक्षक के 109 पद मंजूर 17 नये महाविद्यालय खुलेंगे तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति में संशोधन परिवहन कराधान संशोधन अध्यादेश को मंजूरी सड़कों के संधारण-निर्माण को स्वीकृति खान नदी पुनर्जीवन कार्य के लिये 90 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद् के निर्णय 

    भोपाल : सोमवार, सितम्बर 22, 2014, 17:27 IST मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अनुकम्पा नियुक्ति के संशोधित एकजाई निर्देश के प्रारूप को अनुमोदन किया गया। अब शासकीय कर्मचारी की विवाहित पुत्री/पुत्रियों, वैधानिक रूप से गोद ली गई दत्तक संतान को अनुकम्पा नियुक्ति के पात्र सदस्यों में जोड़ा गया है।चतुर्थ श्रेणी की पात्रता रखने अथवा पद उपलब्ध न होने की स्थिति में दी जाने वाली अनुकम्पा अनुदान की राशि एक लाख 25 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है। दैनिक वेतनभोगी, कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों को दी जाने वाली अनुकम्पा अनुदान की राशि भी एक लाख 25 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है।यह भी प्रावधान किया गया है कि शासकीय सेवक के परिवार का पात्र आश्रित सदस्य यदि नियमित सेवा में कार्यरत हो तो ही उसके परिवार का अन्य सदस्य अपात्र होगा।दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में निर्णयमंत्री-परिषद् ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में लिये गए निर्णयों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी (सेवा की शर्ते) नियम 2013 के उपनियम-1 में संशोधन कर बड़े हुए वेतन के लाभ का दायरा बढ़ाने की मंजूरी दी। इसका लाभ 31 दिसम्बर, 1988 के पश्चात पहले से ही नियोजित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा इसका लाभ वित्त विभाग की सहमति से और मंत्रि-परिषद् से मंजूरी प्राप्त ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा जो 21 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त हुए हों।दैनिक वेतनभोगी के पक्ष में एक अन्य निर्णय में सामान्य प्रशासन विभाग के 14 और 26 फरवरी 2000 के विरुद्ध न्यायालय आदेश या स्थगन के आधार पर जो दैनिक वेतनभोगी कार्यरत हैं, को भी नियमितीकरण की कार्रवाई में शामिल करना तय किया गया। अब ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वे जिस पद-संवर्ग में कार्यरत हैं उन्हें रिक्त पद या समकक्ष पद पर नियमित किया जा सकेगा।अस्पतालों में सह-मुख्य अधीक्षकमंत्री-परिषद् ने शासकीय अस्पतालों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिये सह-मुख्य अधीक्षक सहित 109 पद को मंजूरी दी। वर्तमान में अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा ही प्रशासनिक व्यवस्था संबंधी कार्य किया जाता है, जिससे उनका मूल कार्य प्रभावित होता है। इस कमी को दूर करने के लिये यह पद स्वीकृत किया गया है। जिला अस्पतालों की प्रशासनिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन संवर्ग स्वीकृत किया गया। संवर्ग में मुख्यालय-स्तर पर महाप्रबंधक का एक, प्रबंधक के चार, उप प्रबंधक के 25 तथा सहायक प्रबंधक के 79 पद स्वीकृत किये गये।17 नये महाविद्यालयउच्च शिक्षा व्यवस्था का और विस्तार करते हुए मंत्री-परिषद् ने प्रदेश में 17 नये महाविद्यालय शुरू किये जाने को मंजूरी दी। कुछ महाविद्यालयों में नये संकाय शुरू करने की भी स्वीकृति दी गई। नये 17 महाविद्यालय फूप (भिण्ड), कुम्भराज (गुना), बजाग (डिण्डोरी), गुलाबगंज (विदिशा), ताल (रतलाम), शामगढ़ (मंदसौर), गोविंदगढ़ (रीवा), चाँद (छिंदवाड़ा), उमरनाला (मोहखेड़), (छिंदवाड़ा), माकडौन (उज्जैन), मौ (भिण्ड), बाग (धार), सुवासरा (मंदसौर), मल्हारगढ़ (मंदसौर), मोहनबड़ौदिया (शाजापुर), शाहगंज (सीहोर) और सिराली (हरदा) में स्थापित होंगे।जिन शासकीय महाविद्यालयों में नये संकाय, विषय अथवा स्नातकोत्तर कक्षाएँ शुरू करने की स्वीकृति दी गई हैं, उनमें राजेन्द्र सूरी शासकीय महाविद्यालय धार, शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी, शासकीय महिला महाविद्यालय दमोह, शासकीय इंदिरा गाँधी महाविद्यालय शहडोल, शासकीय महाविद्यालय गोहद (भिण्ड), शासकीय कन्या महाविद्यालय सीहोर और शासकीय कन्या महाविद्यालय दतिया शामिल हैं। इन महाविद्यालयों के 349 पद स्वीकृत किये गये।तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति में संशोधनप्रदेश में प्रतिष्ठित निजी प्रशिक्षण प्रदायकर्त्ता एजेंसियों को आकर्षित करने के लिये मंत्री-परिषद् ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति-2012 में संशोधन को मंजूरी दी। यह संशोधन नीति जारी होने के बाद विभिन्न स्तर पर निजी निवेशकों से चर्चा में आये सुझावों के आधार पर किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार के दृष्टि-पत्र-2018 में कौशल विकास मिशन के जरिये 6 से 10 लाख युवा को स्वयं के रोजगार स्थापित करने और रोजगार के लिये कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।संशोधन के अनुसार आईटीआई स्थापित करने के लिये भवन निर्माण, उपकरण आदि पर किये गये पूँजीगत निवेश पर 3 करोड़ तक का अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्य शासन द्वारा प्रायोजित 50 सीट के प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही 5 एकड़ शासकीय भूमि नि:शुल्क देने और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण पर लागत के 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जायेगी। कौशल विकास केन्द्र स्थायी रूप से किराये के भवन में संचालित होंगे।प्रशिक्षणार्थियों को आवास सुविधा की दृष्टि से शासन द्वारा प्रायोजित छात्रावास में रहने वाले प्रशिक्षणार्थियों के लिये लॉजिंग शुल्क की प्रतिपूर्ति की जायेगी, जो 1000 रुपये प्रतिमाह प्रति प्रशिक्षणार्थी के मान से देय होगी। स्थान पर विशेष की आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षणार्थियों के लिये छात्रावास निर्माण के लिये कुल लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जायेगा। कौशल विकास केन्द्रों के लिये उपकरणों के क्रय करने की अनुदान सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर उपकरणों की लागत का 25 प्रतिशत अथवा 10 लाख रुपये, जो भी कम हो, किया गया है। स्किल ट्रेनिंग देने वाले को 50 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार में नियोजित करने पर 3000 रुपये प्रति प्रशिक्षणार्थी के मान से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है।परिवहन कराधान संशोधन अध्यादेश को मंजूरीमंत्री-परिषद् ने मोटरयान कराधान अधिनियम के प्रावधानों को सरल और युक्तियुक्त करते हुए मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) अध्यादेश-2014 को मंजूरी दी। संशोधन में पर्यावरण हितैषी वाहनों पर कर की दरों में कमी की गई है। विभिन्न श्रेणी के माल वाहनों के त्रैमासिक कर के स्थान पर जीवन काल कर का विकल्प दिया जा रहा है। इससे उन्हें बार-बार कर जमा करने से मुक्ति मिल सकेगी।वातानुकूलित और डीलक्स बसों को बढ़ावा देने के लिये उनके कर की दरों में कमी की गई है। बच्चों को शाला ले जाने वाले शैक्षणिक वाहनों के करों में बहुत अधिक कमी कर उसे अब मात्र 12 रुपये प्रति सीट प्रतिवर्ष कर दिया गया है। ग्रामीण परिवहन सेवा में लगे वाहनों के लिये उनके मूल्य के एक प्रतिशत के बराबर कर का प्रावधान किया गया है। इतनी राशि जमा करने पर उन्हें जीवन काल ग्रामीण परिवहन का परमिट प्राप्त होगा। इन संशोधनों से जहाँ कर का भुगतान सरल होगा, वहीं अच्छे यात्री वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। माल वाहनों के कर जमा करने के लिये बार-बार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा और ग्रामीण अँचलों में परिवहन सेवा को बढ़ावा मिलेगा।सड़कों के संधारण-निर्माण को स्वीकृतिमंत्री-परिषद् ने मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के माध्यम से 12 राज्य राजमार्ग/मुख्य जिला मार्ग को ओएमटी योजना में संधारित करने की स्वीकृति दी। इन मार्गों में नसरूल्लागंज-कोसमी, सुसनेर-खिलचीपुर, आगर-सारंगपुर, पचोर-शुजालपुर-आष्टा, आष्टा-कन्नौद, बड़गवाँ-बैढ़न, घन्सौर-मण्डला, खलघाट-मनावर, भोपाल-विदिशा, विदिशा-कुरवाई, उदयपुरा-गाडरवारा और बरेली-पिपरिया मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों की लम्बाई 552.86 किलोमीटर है। इन मार्गों पर सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूला जायेगा।मंत्रि-परिषद् ने इंदौर-इच्छापुर मार्ग को बीओटी योजना में डामरीकृत सतह के साथ फोर-लेन पेव्हड शोल्डर के रूप में विकसित करने की सहमति दी। मार्ग की आंकलित निर्माण लागत 2258.84 करोड़ तथा लम्बाई 199.43 किलोमीटर है। यह कार्य भी मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा किया जायेगा।मंत्रि-परिषद् ने हटा-फतेहपुर-रजपुरा-सीलापुरी-बाजना-दरगवां मार्ग को बीओटी (टोल एन्यूटी) योजना में निर्मित करने की मंजूरी दी। मार्ग की अनुमानित लागत 76 करोड़ 80 लाख तथा लम्बाई 64.40 किलोमीटर है।अन्य निर्णयमंत्री-परिषद् ने इंदौर में खान नदी व्यपवर्तन परियोजना की 90 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निवेश निकासी की अनुमति दी।मंत्री-परिषद् ने उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिये निर्धारित सेवा अवधि में एक वर्ष की छूट एक बार के लिये देने का निर्णय लिया। सीधी भर्ती के उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिये वर्तमान में सेवा अवधि 8 वर्ष तथा सहायक उप निरीक्षक से पदोन्नति के लिये 5 वर्ष निर्धारित है।मंत्री-परिषद् ने जिला अस्पताल विदिशा के 350 बिस्तर वाले नवीन भवन एवं आवासीय भवन तथा जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर एवं आवासीय भवन के निर्माण के लिये 96 करोड़ 76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी।मंत्री-परिषद् ने नवगठित आगर-मालवा जिले के जिला पंचायत कार्यालय के लिये नवीन पदों की संरचना को स्वीकृति दी।मंत्री-परिषद् ने आगर-मालवा जिले में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 6 पद के निर्माण का निर्णय लिया।मंत्री-परिषद् ने उच्च शिक्षा विभाग के 77 महाविद्यालय के 79 छात्रावास के संचालन के लिये होस्टल मेनेजर के 69, भृत्य के 70, स्वीपर के 78 और चौकीदार के 153 पद को मंजूरी दी।मंत्री-परिषद् ने शासकीय नवीन महाविद्यालय देवास के लिये 20 शैक्षणिक और 21 अशैक्षणिक पद स्वीकृत किये।दिनेश मालवीयसंबंधित समाचारमध्यप्रदेश के समग्र की देश भर में धूमअनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान में संशोधनश्रम कानूनों को सरल बनाने मंत्रि-परिषद् द्वारा बड़े संशोधनों को मंजूरीप्रदेश के 11 एग्री क्लाइमेटिक जोन में उद्यानिकी को बढ़ावाराज्यों की रेंकिंग में मध्यप्रदेश देश में प्रथम

  57. alkesh chohan says:

    rmere ghante me hai mpeb anujampa
    Jab tak ye gand mara mukhiya kursi pe betha hai tab tak kuch ni ho sakta
    Is gandu ku sharm ni aati ke Anukampa ke liyw Ladai kon Lad raha hai aur ye bhadu sarlikaran kin ke liye karta hai
    Bahut badnasib hai hum log jo is gandmare pradesh me janam liya jaha bhadu log faisle karte hai

  58. mohan verma says:

    are ye cm sach me pagal or ghoshanaye karta hai sala, sab ghotale he, koi kaam thik se nahi hota…cm hay hay cm hay hay…

  59. vivek Ujjain says:

    Aur ye urja mantri aur bade wala hai sala uske samne cavinet me anukampa ke mamlo ka saralijaran pe saralikaran hota rehta hai aur uske muh me pipe fasa hai kya jo vo bolta bhi nahi mere vibhag me to anukamp ki amma15 saal se chudi padi hai uspe to ye State ke decison lagu hi nahi hoteMaaaaaaaaaaadhri

  60. mohan verma says:

    dosto sahara tv ki head line me aaya ki shadi shuda ladki ko bhi Anukampa milegi ab..par ye oder kab dega..ya bewakuf bana raha hame..kab se tho bol raha he…

  61. mohan verma says:

    dosto sahara news tv ki head line me aaya ki shadi shuda ladki ko bhi Anukampa milegi ab..par ye oder kab dega..ya bewakuf bana raha hame..kab se tho bol raha he…

  62. anukampa ahsrit says:

    Urja mantri to bolata he ki chal se chal anukampa milegi chal kab ayegi

  63. anukampa ahsrit says:

    Jab tak urja mantri soya he tab tak nhi milegi anukampa koi jagao he god to hi jaga de sohe unhe

  64. Sachin Namdeo Sagar says:

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    अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान में संशोधन
    विवाहित पुत्री, दत्तक संतान को भी मिल सकेगी नियुक्ति
    दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में निर्णय
    शासकीय अस्पतालों में व्यवस्था सुधार के लिये सह-मुख्य अधीक्षक के 109 पद मंजूर
    17 नये महाविद्यालय खुलेंगे
    तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति में संशोधन
    परिवहन कराधान संशोधन अध्यादेश को मंजूरी
    सड़कों के संधारण-निर्माण को स्वीकृति
    खान नदी पुनर्जीवन कार्य के लिये 90 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति
    मंत्रि-परिषद् के निर्णय
    भोपाल : सोमवार, सितम्बर 22, 2014, 17:27 IST

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अनुकम्पा नियुक्ति के संशोधित एकजाई निर्देश के प्रारूप को अनुमोदन किया गया। अब शासकीय कर्मचारी की विवाहित पुत्री/पुत्रियों, वैधानिक रूप से गोद ली गई दत्तक संतान को अनुकम्पा नियुक्ति के पात्र सदस्यों में जोड़ा गया है। चतुर्थ श्रेणी की पात्रता रखने अथवा पद उपलब्ध न होने की स्थिति में दी जाने वाली अनुकम्पा अनुदान की राशि एक लाख 25 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है। दैनिक वेतनभोगी, कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों को दी जाने वाली अनुकम्पा अनुदान की राशि भी एक लाख 25 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है। यह भी प्रावधान किया गया है कि शासकीय सेवक के परिवार का पात्र आश्रित सदस्य यदि नियमित सेवा में कार्यरत हो तो ही उसके परिवार का अन्य सदस्य अपात्र होगा। शासकीय सेवक की कोई संतान वयस्क नहीं है तो प्रथम संतान के वयस्क होने की तिथि से एक वर्ष तक उसे अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी।

    दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में निर्णय

    मंत्री-परिषद् ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में लिये गए निर्णयों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी (सेवा की शर्ते) नियम 2013 के उपनियम-1 में संशोधन कर बड़े हुए वेतन के लाभ का दायरा बढ़ाने की मंजूरी दी। इसका लाभ 31 दिसम्बर, 1988 के पश्चात पहले से ही नियोजित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा इसका लाभ वित्त विभाग की सहमति से और मंत्रि-परिषद् से मंजूरी प्राप्त ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा जो 21 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त हुए हों।

    दैनिक वेतनभोगी के पक्ष में एक अन्य निर्णय में सामान्य प्रशासन विभाग के 14 और 26 फरवरी 2000 के विरुद्ध न्यायालय आदेश या स्थगन के आधार पर जो दैनिक वेतनभोगी कार्यरत हैं, को भी नियमितीकरण की कार्रवाई में शामिल करना तय किया गया। अब ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वे जिस पद-संवर्ग में कार्यरत हैं उन्हें रिक्त पद या समकक्ष पद पर नियमित किया जा सकेगा।

    अस्पतालों में सह-मुख्य अधीक्षक

    मंत्री-परिषद् ने शासकीय अस्पतालों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिये सह-मुख्य अधीक्षक सहित 109 पद को मंजूरी दी। वर्तमान में अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा ही प्रशासनिक व्यवस्था संबंधी कार्य किया जाता है, जिससे उनका मूल कार्य प्रभावित होता है। इस कमी को दूर करने के लिये यह पद स्वीकृत किया गया है। जिला अस्पतालों की प्रशासनिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन संवर्ग स्वीकृत किया गया। संवर्ग में मुख्यालय-स्तर पर महाप्रबंधक का एक, प्रबंधक के चार, उप प्रबंधक के 25 तथा सहायक प्रबंधक के 79 पद स्वीकृत किये गये।

    17 नये महाविद्यालय

    उच्च शिक्षा व्यवस्था का और विस्तार करते हुए मंत्री-परिषद् ने प्रदेश में 17 नये महाविद्यालय शुरू किये जाने को मंजूरी दी। कुछ महाविद्यालयों में नये संकाय शुरू करने की भी स्वीकृति दी गई। नये 17 महाविद्यालय फूप (भिण्ड), कुम्भराज (गुना), बजाग (डिण्डोरी), गुलाबगंज (विदिशा), ताल (रतलाम), शामगढ़ (मंदसौर), गोविंदगढ़ (रीवा), चाँद (छिंदवाड़ा), उमरनाला (मोहखेड़), (छिंदवाड़ा), माकडौन (उज्जैन), मौ (भिण्ड), बाग (धार), सुवासरा (मंदसौर), मल्हारगढ़ (मंदसौर), मोहनबड़ौदिया (शाजापुर), शाहगंज (सीहोर) और सिराली (हरदा) में स्थापित होंगे।

    जिन शासकीय महाविद्यालयों में नये संकाय, विषय अथवा स्नातकोत्तर कक्षाएँ शुरू करने की स्वीकृति दी गई हैं, उनमें राजेन्द्र सूरी शासकीय महाविद्यालय धार, शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी, शासकीय महिला महाविद्यालय दमोह, शासकीय इंदिरा गाँधी महाविद्यालय शहडोल, शासकीय महाविद्यालय गोहद (भिण्ड), शासकीय कन्या महाविद्यालय सीहोर और शासकीय कन्या महाविद्यालय दतिया शामिल हैं। इन महाविद्यालयों के 349 पद स्वीकृत किये गये।

    तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति में संशोधन

    प्रदेश में प्रतिष्ठित निजी प्रशिक्षण प्रदायकर्त्ता एजेंसियों को आकर्षित करने के लिये मंत्री-परिषद् ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति-2012 में संशोधन को मंजूरी दी। यह संशोधन नीति जारी होने के बाद विभिन्न स्तर पर निजी निवेशकों से चर्चा में आये सुझावों के आधार पर किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार के दृष्टि-पत्र-2018 में कौशल विकास मिशन के जरिये 6 से 10 लाख युवा को स्वयं के रोजगार स्थापित करने और रोजगार के लिये कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।

    संशोधन के अनुसार आईटीआई स्थापित करने के लिये भवन निर्माण, उपकरण आदि पर किये गये पूँजीगत निवेश पर 3 करोड़ तक का अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्य शासन द्वारा प्रायोजित 50 सीट के प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही 5 एकड़ शासकीय भूमि नि:शुल्क देने और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण पर लागत के 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जायेगी। कौशल विकास केन्द्र स्थायी रूप से किराये के भवन में संचालित होंगे।

    प्रशिक्षणार्थियों को आवास सुविधा की दृष्टि से शासन द्वारा प्रायोजित छात्रावास में रहने वाले प्रशिक्षणार्थियों के लिये लॉजिंग शुल्क की प्रतिपूर्ति की जायेगी, जो 1000 रुपये प्रतिमाह प्रति प्रशिक्षणार्थी के मान से देय होगी। स्थान पर विशेष की आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षणार्थियों के लिये छात्रावास निर्माण के लिये कुल लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जायेगा। कौशल विकास केन्द्रों के लिये उपकरणों के क्रय करने की अनुदान सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर उपकरणों की लागत का 25 प्रतिशत अथवा 10 लाख रुपये, जो भी कम हो, किया गया है। स्किल ट्रेनिंग देने वाले को 50 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार में नियोजित करने पर 3000 रुपये प्रति प्रशिक्षणार्थी के मान से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है।

    परिवहन कराधान संशोधन अध्यादेश को मंजूरी

    मंत्री-परिषद् ने मोटरयान कराधान अधिनियम के प्रावधानों को सरल और युक्तियुक्त करते हुए मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) अध्यादेश-2014 को मंजूरी दी। संशोधन में पर्यावरण हितैषी वाहनों पर कर की दरों में कमी की गई है। विभिन्न श्रेणी के माल वाहनों के त्रैमासिक कर के स्थान पर जीवन काल कर का विकल्प दिया जा रहा है। इससे उन्हें बार-बार कर जमा करने से मुक्ति मिल सकेगी।

    वातानुकूलित और डीलक्स बसों को बढ़ावा देने के लिये उनके कर की दरों में कमी की गई है। बच्चों को शाला ले जाने वाले शैक्षणिक वाहनों के करों में बहुत अधिक कमी कर उसे अब मात्र 12 रुपये प्रति सीट प्रतिवर्ष कर दिया गया है। ग्रामीण परिवहन सेवा में लगे वाहनों के लिये उनके मूल्य के एक प्रतिशत के बराबर कर का प्रावधान किया गया है। इतनी राशि जमा करने पर उन्हें जीवन काल ग्रामीण परिवहन का परमिट प्राप्त होगा। इन संशोधनों से जहाँ कर का भुगतान सरल होगा, वहीं अच्छे यात्री वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। माल वाहनों के कर जमा करने के लिये बार-बार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा और ग्रामीण अँचलों में परिवहन सेवा को बढ़ावा मिलेगा।

    सड़कों के संधारण-निर्माण को स्वीकृति

    मंत्री-परिषद् ने मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के माध्यम से 12 राज्य राजमार्ग/मुख्य जिला मार्ग को ओएमटी योजना में संधारित करने की स्वीकृति दी। इन मार्गों में नसरूल्लागंज-कोसमी, सुसनेर-खिलचीपुर, आगर-सारंगपुर, पचोर-शुजालपुर-आष्टा, आष्टा-कन्नौद, बड़गवाँ-बैढ़न, घन्सौर-मण्डला, खलघाट-मनावर, भोपाल-विदिशा, विदिशा-कुरवाई, उदयपुरा-गाडरवारा और बरेली-पिपरिया मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों की लम्बाई 552.86 किलोमीटर है। इन मार्गों पर सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूला जायेगा।

    मंत्रि-परिषद् ने इंदौर-इच्छापुर मार्ग को बीओटी योजना में डामरीकृत सतह के साथ फोर-लेन पेव्हड शोल्डर के रूप में विकसित करने की सहमति दी। मार्ग की आंकलित निर्माण लागत 2258.84 करोड़ तथा लम्बाई 199.43 किलोमीटर है। यह कार्य भी मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा किया जायेगा।

    मंत्रि-परिषद् ने हटा-फतेहपुर-रजपुरा-सीलापुरी-बाजना-दरगवां मार्ग को बीओटी (टोल एन्यूटी) योजना में निर्मित करने की मंजूरी दी। मार्ग की अनुमानित लागत 76 करोड़ 80 लाख तथा लम्बाई 64.40 किलोमीटर है।

    अन्य निर्णय

    मंत्री-परिषद् ने इंदौर में खान नदी व्यपवर्तन परियोजना की 90 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निवेश निकासी की अनुमति दी।

    मंत्री-परिषद् ने उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिये निर्धारित सेवा अवधि में एक वर्ष की छूट एक बार के लिये देने का निर्णय लिया। सीधी भर्ती के उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिये वर्तमान में सेवा अवधि 8 वर्ष तथा सहायक उप निरीक्षक से पदोन्नति के लिये 5 वर्ष निर्धारित है।

    मंत्री-परिषद् ने जिला अस्पताल विदिशा के 350 बिस्तर वाले नवीन भवन एवं आवासीय भवन तथा जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर एवं आवासीय भवन के निर्माण के लिये 96 करोड़ 76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी।

    मंत्री-परिषद् ने नवगठित आगर-मालवा जिले के जिला पंचायत कार्यालय के लिये नवीन पदों की संरचना को स्वीकृति दी।

    मंत्री-परिषद् ने आगर-मालवा जिले में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 6 पद के निर्माण का निर्णय लिया।

    मंत्री-परिषद् ने उच्च शिक्षा विभाग के 77 महाविद्यालय के 79 छात्रावास के संचालन के लिये होस्टल मेनेजर के 69, भृत्य के 70, स्वीपर के 78 और चौकीदार के 153 पद को मंजूरी दी।

    मंत्री-परिषद् ने शासकीय नवीन महाविद्यालय देवास के लिये 20 शैक्षणिक और 21 अशैक्षणिक पद स्वीकृत किये।

    दिनेश मालवीय
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    श्रम कानूनों को सरल बनाने मंत्रि-परिषद् द्वारा बड़े संशोधनों को मंजूरी
    प्रदेश के 11 एग्री क्लाइमेटिक जोन में उद्यानिकी को बढ़ावा

  65. Ravi Nagda says:

    Urja Mantri to soya hai
    Hum b to soye hai
    Hame Hamara Haq Nahi Mil Raha aur Hum HIJDO K JAISE Ghar baithe hai aur soch re hai Mu me Laddu gire jo kbhi ni hoga
    Aur hamara bhai Asgar Bhopal me Dhakkekha raha hai 22 sep se
    Are Bhopal ke Mpeb Anukampa Asrit HIJDO koi Milo usse waha pe

  66. rajnish borasi says:

    शासकीय कर्मचारी के असामयिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को नियम अनुसार अनुकंपा दिये जाने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभागान्तर्गत प्रदेश भर में 3.5 लाख से अधिक अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत है। अधिकारी/कर्मचारी की आसमिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाते है। जिनका निराकरण विभिन्न स्तरों पर संबंधित कार्यालयों द्वारा शासन नियमानुसार तथा आवेदक की पात्रता के अनुसार किया जाता है। अनुकंपा नियुक्ति संबंधी सभी प्रकरणों के पारदर्शी एवं समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा सभी प्रकरणों की अद्तन स्थिति तथा केन्द्रीयकृत सतत् मानिटरिंग करने के लिए विभाग ने एजूकेशन पोर्टल पर अनुकंपा नियुक्ति संबंधी आॅन लाईन प्रणाली का क्रियान्वयन करने का निर्णय लिया है।

    उक्त प्रणाली के माध्यम से समस्त संबंधित कार्यालयों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पत्रों को पंजीकृत करना होगा। पंजीकृत आवेदन पत्र में कमी होने या नियमानुसार पात्रता न होने के कारण कार्यालय द्वारा प्रकरण के लंबित/निरस्त होने की स्थिति में उसका विस्तृत विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। जिससे कि प्रकरण लंबित/निरस्त होने के कारणों की जानकारी आवेदक एवं वरिष्ठ कार्यालय को मिल सकेंगी तथा प्रकरण के निराकरण में सुगमता आवेगी। समस्त कार्यालयों द्वारा नियमानुसार पात्रता रखने वाले सभी प्रकरणों के विरूद्व जारी किये गये समस्त अनुकंपा नियुक्ति आदेशों का विवरण तथा आदेश की स्केण्ड प्रति भी पोर्टल पर अपलोड की जावेगी जिससे कि सभी स्तरों पर प्रकरण की अद्तन स्थिति प्राप्त हो सकेंगी।

  67. Mahesh says:

    Mera bhai ye Mpeb ke koi kam ka ni hai

  68. mahesh singh parmar says:

    anukmpa meelge ham say sarker hi na ke ham sarker say…………………………………………………………………

  69. Pankaj says:

    Yar ab ange kya krna h kuch plane bna ??
    ase bethe rehne se kuch ni hoga ..
    asgar khan koi niti bnao or informe kro taki sb ashrit aa ske ..
    zaldi koi jankari do

  70. raju patil says:

    akela Asgar kab tak marega bhai 5000 awedan dharne pe 4-5 Log kaha se milegi anukampa
    Asgar un hijdo ke liye lad raha hai jinhe khud apne haq ki parwah nahi
    Jo sirf tamashbin hai

  71. vijay damoh says:

    Kuch ni hona anukampa ka

  72. Anukmpa ashrit says:

    hmare priye cm shivraj singh chohan ji jald se jald mpeb mai anukmpa niyukti k order jari kre wrna mata rani apko pap lgaygi :(

  73. anukampa ahsrit says:

    Bhai anukampa jald jald chalu hu gi agar koi Mantri ya adhikari devi ke bhkta he to vaha devi ki kasam he ki in 9 din me anukampa chalu Kar do ge

  74. shusil shukla says:

    Kuch ni hona bhai pichle 15 salo me 17 saali me 17 navdurga nilkal gayi koi bhakt ni jaga
    Waise ye CM abhi Urja vibhag ki samixa kar raha hai Vallabh bhawan me is waqt

  75. anukampa ahsrit says:

    5000 logo ki duva chahie ki 5000 logo ki badava bolo Mantri ya adhikari ya karmachari

  76. ** says:

    abhi jagah ki ho gi anukampa niyukti par mpeb ki nhi hui pata nhi kb hogi

  77. Lokesh. vidisha says:

    bhi b nahi hogi mpeb me anukampa

  78. anukampa ahsrit says:

    Shayad mata kucha anukampa karde kya ki nhi mantri nhi adhikari nhi karmachari madat Kar rahe he jay mata di

  79. Anukmpa ashrit says:

    Mata rani or ham sb ki baddua se mpeb k krmachariyo ki pol khul rahi h ange ange dekho or kitne ghotalo ki pol khulti h or mt suno ham logo ki tum sb sadak m aa jaoge dekh lena haye m bahot takat hoti h

  80. ** says:

    nhi hone wali koi anukampa niyukti bhgo yha se

  81. Heera Patel says:

    Kab tak hum sabhi aashirto ko khoon k aashu rulaoge Humre Shivraj Babu aur Company walo.
    Hum to ro hi rahe ha parivar wale bhi sath me ro rahe ha.
    jitna tum dono ko manane me time laga ha itna to bhagwan ko manane me bhi nhi lagta mere shivraj babu.
    Aap bhi to humare jaise insaan ho hum sabhi lgo ki peeda ko samjho aur use solve kro. kyo ki aapke pass power.
    aur aap hi ise kar sakte h.

    Plzzz Shivraj babu order pass kr k humari duae lo..

  82. rajende bundela says:

    Cabinet meeting kab hai bhai logo jankari do pls

  83. Deepak says:

    Kamal bhai sachin bhai koi jankari do kya chal raha h ange kya hone wala h

  84. vivek sarni says:

    Is bar cabinet me Mudda aa raha hai anukampa ka confirm hai Urja Mantri se aaj charcha ho gayi hai

  85. anukampa ahsrit says:

    Bhai mere urja mantri soyel he kya nid se jag gaye adhikari nid se jage kamachari sath dege

  86. anukampa ahsrit says:

    Mere pita ji ase vibhag me kya te aSA sbhi ko vichar arha hoga any vibhag me rah te to abhi tak anukapa niyukati ho jati

  87. anukampa ahsrit says:

    Bahut Sta vibhag he

  88. Kamal Kishor says:

    Pratrika (Jabalpur) Page No.08

    Is me aaya h शिक्षा विभाग ne Anukampa Niyukati k sare cases ko solve kr diya h aur sare aashrito ko niyukati de di gayi h..
    aur upar se apna विद्युत विभाग Niyukati dene se piche hattt raha h…aur other person ko niyukatiya diye jaa rha h…

    Wahhhh reeeeee mere Shivraj nd Manu Babu ho raha h tm dono ka भारत निर्माण :P :P :P

  89. anukampa ahsrit says:

    Aaj cabinet he apna muda nhi he

  90. yogesh says:

    abhi kab hoga anukampa niykti kush bhi pata nahi cfhal raha hai
    per aisa lagta hhai ki jabalpur mai aandolan ka aacha responce milega aur anukampa bhi jaldi chalu hogi 1998 se sabhi case per chahe accdentl ho ya phir kisi bimari se
    jald hi

    ge

  91. jay barwani says:

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने के मकसद से नवीन औद्योगिक संवर्धन नीति-2014 का अनुमोदन किया गया।

    नीति में निवेशकों को सिंगल विंडो में निश्चित समय-सीमा में सुविधाएँ और अनुमति देने के लिये ऑनलाइन इन्वेस्टर्स मॉनीटरिंग एण्ड फेसिलिटेशन सिस्टम लागू किया जायेगा। इसके लिये एमपी ट्रायफेक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।

    वेट और केन्द्रीय विक्रय कर से संबंधित सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। वर्तमान में इकाइयों को वेट की प्रतिपूर्ति में हो रहे विलम्ब को देखते हुए प्रतिवर्ष कुल कर राशि जमा करने की पुष्टि के आधार पर पात्रता राशि के 75 प्रतिशत की सहायता तुरंत दी जायेगी। शेष 25 प्रतिशत राशि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर निर्धारण करने के बाद दी जायेगी।

    नीति में कौशल उन्नयन को बढ़ावा देने के लिये शासकीय पॉलीटेक्निक और आईटीआई के संसाधनों का उपयोग किया जायेगा। साथ ही वृहद औद्योगिक क्षेत्रों में मेगा आईटीआई स्थापित किये जायेंगे।

    नवीन नीति में एमएसएमई सेक्टर के लिये ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख किया गया है। निवेश परियोजनाओं को सहायता देने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य-स्तरीय निवेश साधिकार समिति का गठन किया जायेगा। एमएसएमई इकाइयों के लिये जिला-स्तरीय समिति को और अधिक प्रभावी बनाया जायेगा। नवीन औद्योगिक क्षेत्र में न्यूनतम 20 प्रतिशत भूमि एमएसएमई सेक्टर के लिये रखी जायेगी।

    ग्रीन इण्डस्ट्रियलाइजेशन को प्रोत्साहित करने के लिये वेस्ट मेनेजमेंट सिस्टम स्थापित करने अधिकतम 25 लाख की सहायता दी जायेगी। सहायक उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिये वेण्डर डेव्हलपमेंट प्रोग्राम को ज्यादा प्रभावी बनाया जायेगा। नई नीति के अनुसार 500 करोड़ से अधिक पूँजी निवेश वाली वित्तीय समस्याग्रस्त निवेश परियोजनाओं को शासकीय देयताओं (कर छोड़कर) में डिफरमेंट देकर सहायता दी जायेगी। वृहद एवं मध्यम उद्योगों के परिप्रेक्ष्य में औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर अविकसित भूमि के अधोसंरचना विकास पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति अधिकतम 3 करोड़ तक की जायेगी। गैर-प्रदूषणकारी सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्राप्त करने से छूट दी जायेगी। निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापना के लिये न्यूनतम क्षेत्र को कम कर 100 एकड़ के स्थान पर 50 एकड़ किया जायेगा।

    नीति में 100 एकड़ या अधिक के नवीन/विस्तारित औद्योगिक क्षेत्रों में कुल भूमि की अधिकतम 20 प्रतिशत भूमि आवासीय/वाणिज्यिक गतिविधियों के लिये आरक्षित की जायेगी। प्रचलित अपात्र उद्योगों की सूची का युक्तियुक्तकरण कर उनकी संख्या को 52 से घटाकर 19 किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को सहायता मिल सके। सभी प्रकार के उद्योगों के लिये प्रदेश में जिलों का वर्गीकरण समाप्त कर पूरे प्रदेश के लिये एक समान सुविधा/सहायता दी जायेगी।

    राज्य पर्यटन नीति में संशोधन

    प्रदेश में पर्यटन का समग्र विकास करने और पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक निजी निवेश लाने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन नीति में संशोधन किये गये हैं।

    संशोधनों के अनुसार पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के सभी आवेदनों का सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से निराकरण किया जायेगा। नीति में पर्यटन परियोजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। होटल में उपलब्ध कमरों पर विलासिता कर देयता से छूट को 2000 से 3000 रुपये किया गया है। हेरिटेज होटल में पूँजीगत व्यय पर अनुदान व्यय को 25 प्रतिशत अथवा डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर व्यय का 35 प्रतिशत अथवा डेढ़ करोड़ कर दिया गया है।

    बजट होटल निर्माण अनुदान प्राप्त करने के लिये 50 के स्थान पर 25 कमरे केनिर्माण की अनिवार्यता कर दी गई है। अधिकतम किराया 2000 रुपये रखे जाने की शर्त को हटा दिया गया है। पर्यटन विभाग के लेंड बेंक पर कन्वेंशन सेंटर बनाये जाने पर छूट संबंधी प्रावधान के साथ-साथ अब निजी भूमि पर भी कन्वेंशन सेंटर बनाये जाने को प्रोत्साहित किया जायेगा।

    भूमि निवर्तन नीति

    मंत्रि-परिषद् ने पर्यटन विभाग को आवंटित शासकीय भूमियों की नीलामी द्वारा निवर्तन नीति 2008 में संशोधन को भी अनुमोदित किया। इसके अनुसार पर्यटन विभाग को आवंटित शासकीय भूमियों का नीलामी द्वारा निवर्तन नीति के अंतर्गत भूमि निर्वतन को, राजस्व विभाग द्वारा जारी ‘निजी पूँजी निवेश के मामलों में सरकारी दखल रहित आवंटन नीति’ से मुक्त कर दिया गया है।

    पर्यटन परियोजनाओं के लिये निवेशकों द्वारा माँग किये जाने पर ऐसी भूमियों के मामले, जो राजस्व विभाग की 2013 की नीति में वर्णित लेंड बेंक का हिस्सा है तथा पर्यटन विभाग को हस्तांरित नहीं की गई है, का निवर्तन राजस्व विभाग की 2013 की नीति द्वारा ही किया जायेगा।

    अधिकारों का प्रत्यायोजन

    मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के त्वरित क्रियान्वयन के लिये वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग की एजेंसियों को अधिकारों और सेवाओं के प्रत्यायोजन का निर्णय लिया। इन एजेंसियों को भवन निर्माण की अनुमति, औद्योगिक परियोजना के लिये चयनित भूमि के विकास की अनुज्ञा, फेक्टरी लायसेंस एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृति देने के संबंध में नगरीय प्रशासन एवं पर्यावरण, श्रम आदि अन्य विभागों के अधिकार/सेवाएँ प्रत्यायोजित की गई हैं। इस निर्णय से निवेशकों को एक ही स्थान पर आवश्यक वैधानिक अनुमतियाँ/सम्मतियाँ प्राप्त हो सकेंगी।

    वायु सेवा का विस्तार

    प्रदेश के शहरों को आपस में वायु सेवा से जोड़ने के साथ ही पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों एवं पर्यटन-स्थलों को प्रदेश से जोड़ने के लिये नीति में परिवर्तन किया गया है।

    संशोधित नीति के अनुसार प्रदेश को वायु सेवा से जोड़ने वाले निजी क्षेत्र के ऑपरेटरों को खुली निविदा जारी कर चिन्हित किया जायेगा। निजी ऑपरेटर द्वारा कम से कम 9 सीटर विमान चलाया जायेगा। निजी ऑपरेटर प्रत्येक सेक्टर में किराया निर्धारित करने के लिये स्वतंत्र होगा। निजी ऑपरेटर को प्रदेश के एक शहर से दूसरे शहर की उड़ान सेवा तथा प्रदेश के एक शहर से दूसरे प्रदेश के एक शहर की उड़ान के लिये प्रतिमाह अनुदान दिया जायेगा। उड़ानों के उपयोग में आने वाले ईंधन पर वेट की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा ऑपरेटर के साथ किये गये एमओयू की अवधि तक इस शर्त पर की जायेगी कि ऑपरेटर द्वारा ईंधन का क्रय प्रदेश से किया जाये।

    निजी ऑपरेटर से अनुबंध की सीमा संचालन शुरू करने की तिथि से 3 वर्ष की होगी। सेवाएँ संतोषप्रद होने की स्थिति पर वित्त विभाग की अनुमति से अनुबंध दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। राज्य शासन को अधिकार होगा कि वह किसी भी सेक्टर में किसी अन्य ऑपरेटर को वायु सेवा संचालित करने की अनुमति ऐसी शर्त पर दे सकेगा, जो उपरोक्तानुसार चयनित ऑपरेटर के साथ अनुबंधित शर्तों से अधिक अनुकूल न हो।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश के प्रमुख शहरों को वायु सेवा से जोड़ने के संबंध में 2010 में नीति निर्धारित की गई थी। एयर टेक्सी ऑपरेशन के लिये खुली निविदा आमंत्रित कर सितम्बर 2011 से आगामी 3 वर्ष के लिये मेसर्स वेन्चुरा एयरकनेक्ट को अनुमति दी गई थी, तब से अगस्त 2014 तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना, ग्वालियर तथा खजुराहो में इसने अपनी हवाई सेवाएँ उपलब्ध करवायीं। इस अवधि में कुल 7000 से अधिक उड़ान के माध्यम से लगभग 20 हजार यात्री को वायु सेवा उपलब्ध करवायी गई।

    मुख्यमंत्री युवा इंजीनियर-कांट्रेक्टर योजना

    युवा इंजीनियरों को कांट्रेक्टर बनाने के लिये प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री युवा इंजीनियर-कांट्रेक्टर योजना में संशोधनों को मंत्रि-परिषद् ने मंजूरी दी। इसके अनुसार योजना में प्रशिक्षित युवा कांट्रेक्टरों को पंजीयन में विशिष्ट पहचान दी जायेगी, जिससे भविष्य में इन्हें चिन्हित करने में सुविधा होगी। योजना में प्रशिक्षण अवधि 6 माह के स्थान पर 3 माह की गई है। इसमें 2 माह की फील्ड ट्रेनिंग और एक माह की कार्यालयीन प्रक्रिया का ज्ञान एवं अकादमिक ट्रेनिंग दी जायेगी। योजना में प्रशिक्षित इंजीनियर का ‘सी’ श्रेणी में सीधे पंजीयन किया जायेगा। ‘सी’ श्रेणी के लिये पंजीयन शुल्क 10 हजार से घटाकर 2000 तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट 2 लाख से घटाकर 25 हजार किया गया है।

    योजना में प्रशिक्षित पंजीकृत ठेकेदार को प्रथम 3 वर्ष के लिये अर्नेस्ट मनी डिपोजिट/बिड सिक्योरिटी में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। किन्हीं दो कार्य-आदेश को अधूरा छोड़ने की स्थिति में उसे यह छूट नहीं मिल सकेगी।

    राज्य स्पेशियल नीति का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश में राज्य स्पेशियल डाटा इंफ्रा-स्ट्रक्चर की स्थापना के लिये राज्य स्पेशियल नीति का अनुमोदन किया। प्रदेश में जियोग्राफिकल इंफर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) प्रौद्योगिकी के माध्यम से सूचनाओं एवं आँकड़ों को एकत्र करने, उनका प्रबंधन एवं विश्लेषण करने तथा इनके आधार पर प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णय लेने में सहायता के लिये राज्य स्पेशियल डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना की जा रही है।

    नीति में राज्य स्पेशियल अधोसंरचना समिति के गठन, नोडल एजेंसी के निर्धारण के अलावा राज्य की सभी एजेंसी के पास उपलब्ध स्पेशियल डाटा नोडल एजेंसी को देने का प्रावधान शामिल किया गया है।

    प्रोजेक्ट डायरेक्टोरेट का गठन

    मंत्रि-परिषद् ने मध्यप्रदेश स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टोरेट के गठन का निर्णय लिया। डायरेक्टोरेट द्वारा रूसा, विश्व बेंक एवं अन्य फंडिंग एजेंसियों द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जायेगा। इसके लिये परियोजना संचालक, अतिरिक्त परियोजना संचालक, उप परियोजना संचालक, वित्त नियंत्रक एवं अधीक्षण यंत्री का एक-एक पद, शिक्षाविद् के दो पद, अनुविभाग अधिकारी का एक तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 5-5 पद सृजित करने की अनुमति दी गयी। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति संविदा/आउटसोर्सिंग के जरिये की जायेगी। शेष पद प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरे जायेंगे।

    अन्य निर्णय

    मंत्रि-परिषद् ने गुना-आरोन-सिंरोज मार्ग को बीओटी (टोल + एन्यूटी) योजना में दो-लेन मार्ग में निर्मित करने की मंजूरी दी। मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के माध्यम से किये जाने वाले इस कार्य की लागत 199.12 करोड़ है और लम्बाई 86.76 किलोमीटर है।

    मंत्रि-परिषद् ने सरदार सरोवर परियोजना फर्जी विक्रय-पत्र एवं पुनर्वास स्थल अनियमितता जाँच आयोग के कार्यकाल में 8 अक्टूबर 2015 तक वृद्धि का निर्णय लिया।

    मंत्रि-परिषद् ने विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन के संभागीय कार्यालय जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में स्वीकृत 3 विशेष लोक अभियोजन अधिकारी/जिला अभियोजन अधिकारी के पदों का उन्नयन कर उप संचालक अभियोजन के 3 पद निर्मित करने का निर्णय लिया।

    मंत्रि-परिषद् ने राजगढ़ जिले की कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना की राशि 3,448 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निवेश निकासी की अनुमति प्रदान की। परियोजना जीरापुर तहसील के ग्राम सिरपोई और आगर जिले के नलखेड़ा विकासखण्ड के ग्राम गोठड़ा के मध्य कालीसिंध नदी पर प्रस्तावित है। परियोजना से राजगढ़ जिले की खिलचीपुर, जीरापुर और सारंगपुर तथा आगर जिले की सुसनेर एवं नलखेड़ा तहसील के 421 गाँव में सिंचाई होगी। इससे रबी में एक लाख 12 हजार 400 हेक्टेयर और खरीफ 38 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

    मंत्रि-परिषद् ने राज्य पर्यटन विकास निगम के 42 चतुर्थ श्रेणी पद को समर्पित करते हुए 20 अतिरिक्त पद सृजित करने की मंजूरी दी।

  92. jay barwani says:

    mpeb anukampa bababji ka zunzuna

  93. Sachin Namdeo Sagar says:

    अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में अ|ज आदेश जारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय समयमान वेतनमान,
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    भोपाल.. – राज्य शासन ने हाल ही में मंत्रि-परिषद द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में लिये गये निर्णय के आदेश आज जारी कर दिये।

    : मंगलवार, सितम्बर 30, 2014, 18:27

  94. Sachin Namdeo Sagar says:

    Bhai Log Par VIDUT department ka ORDER abhi tak nahi huy.

  95. raj says:

    kuch log her cabinet ke pehlee jhooti afwah failkar anukampa aashrito ka majak udate hain aur urja mantri ne bola , isne usne v\ ola aisa bolkar anukapa aashrito kaa majak bana rahe hain.

    jabki such yeh hin ki kuch logo ke niji swarth ke karan aur asgar aur technical sangh ke jabaran tant lagye rakhne aur apne jidi rayewe ke karan cm anukama aashrito ki file rokkar rakhe hain.

    aue yeh baat asgae aur technical sangh ko bhi maloom hain per woh sirf dikwa karne aur naam ke piche mare jaa rhe hai,unka anukampa se koi len dena nahi hain.

    jo bhi sarkaar ke haath main hain islye sarkaar ki baat ko samajhna pdega.

    aur sirf 1997 se hi anukampa ki baaat sabh ke liye kana padega.

  96. vivek sarni says:

    Mere bhai tu jo bhi hai
    Mera tuzse ye hi kehna hai agar tuze ye sab dikhawa Lag raha hai to tu ara 1 din dharna kake khud dekh tuze ye malum pad jayega ye sab kitna kathin kaam hai
    Aur ye jo thodi b hawa ho rahi he anukampa ki wo sirf dhrne ke karan
    Ha par Safalta milti nahi dikh rahi hai

  97. raj says:

    Main kon hoon aur maine kitne din dharne main bityae yeah shyad tum jante nahi .

    Aandolan ka matlab sirf tant laga lena nahi hota ,yadi takniki karmachari yaa asgar kuch karna chate hain to kyo nahi kaam band hadtaal karte kyo nhai koi ugra pradrashan karte hain aur sabse badi baat kyo nhai aajtak in logo ne cm se ek bhi baar officially is mudee per baat ki.

    Aur sirf kya gyapan dene bhar se yadi anukampa milte to mian to pradesh ke her mantri, her vidhyak , cm , pm aur central minister ko 1997 se anukampa challoo karne aur bina shart dene ke liye patra likha hoon .

    Lekin kya tum logo ne jo aprroch apnayi hain yaa asgar jo bhi kar raha hain uska tarika galat hian aur usse sirf santwana yaa aaswashan hi milge anukampa nahi.

    Yadi tum vastav main chate ho ki vidyut mandla main sabhi ko 1997 se anukampa niyuti mile to her haal main pure bijl karmi ko kaam band hadtaal karni padegi.

    Kyoki jab tak mandal kaa nuksaan nahi hoga waha ac main shakti bhavan yaa mantralya main apna mudda nahi uthega,isliye abhi bhi smaya ab apni aankhe khol lo aur asgar aur takniki per anakh band kar bharsa karne ki bajaye kuch ugra pradrashan karo.

  98. monu says:

    raj sahi bol raha hain .mujhe maloom haain raj tum asgar se jyda mehnat kar rahe ho , kyoki tumhare baar baar manriyo se milne aur sabhi ko 1997 se anukampa dilane ka prayas hi hum sako jeet dilayega.

    aur bilkul sahi baar hain asgar sirf dikhawa kar raha hain aur afwah failta rehta hain.

  99. Rohit Satna says:

    Jin Logo ko Asgar ki nity samaz me aaye wo dharne pe jaye aur jin logo ko nahi aati wo apna naya andolan khada kare
    Sabhi log apne hisab se Ladne ke liye free hai
    Par aisa koi karta kyo ni bhai

  100. lalla says:

    haa lekin rohit sabhi log yadi aaj hi se sirf ek baat karenge ki jab tak 1997 se sabhi ko bina shart anukampa nhai milti kab tak her din cm se lekar her mantri ko patra likhenge , cm helpline me baar ***** karo aur baar baar shatki bhavan main letter bhejo .

    tant bhar se nahi hogi kuch karna padega aur yadi karna hain to sabhi log bhopal main bada prdarshan karo bina kishi sangathan ke saath aur cm ko bata do ki janta main kiti takat hoti hain.

    Main sehmat hoon ki asgar ne aisa kuch bhi nahi kiya hain aur jo log aandolan ko suru main chala rahe the unki baat nahi maani nahi to vastav main aaj sabhi ko anukampa mil gayi hoti.

    Humare kuch saathi bahut jyda knowledge rakhte hain aur yadi asgar unki baath sun leta to aaj 1 saal ki salary bhi mil jati.

    abhi bhi sudhar jao aur kuch bhopal main sab milkar aamaran anshan karo .

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